उदयपुर/सराडा थाना क्षेत्र डिगरी ग्राम पंचायत के ढाणी मेलाणा गांव में आंगनवाड़ी के पास मंदिर के समीप हर साल आदिवासी समाज के लोगो के द्वारा होलिका दहन का त्यौहार सार्वजनिक रूप से धूम धाम से मनाया जाता है।आदिवासी समुदाय में पुरानी परंपरा के अनुसार होली से एक माह पूर्व रोपा जाने वाला होली का डंडा (थम) माघ पूर्णिमा शाम तक रोपा जाता है।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आदिवासी समुदाय के लोगों ने विधिविधान से शनिवार को होली डंडा रोपण कर घर चले गए तभी वहा पर ही निवास कर रहे रेबारी समाज के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा रोपे गए होली के डंडे को उखाड़ कर फेंक दिया और पास में एकत्रित गए चारे को जलाकर राख कर दिया जिससे पास बंधे गाय भेस भी जल सकते थे और पास पड़ी लकड़ियों को भी जला दिया।
वहीं घर को ढकने के उपयोग किए जाने वाले केलुओ को भी फोड़ दिया।वहीं पास में हनुमान जी प्रतिमा पर लगी ध्वजा को भी गिरा दी जिससे आदिवासी समुदाय के त्यौहार का घोर अपमान हुआ है।जिससे आदिवासी समाज के लोगों में काफी आक्रोश है।
जिसको लेकर समाज के लोगों ने बताया कि इसका जवाब देना पड़ेगा यह पूरे आदिवासी समाज का गोर अपमान है इसकी समुचित जांच नहीं होने पर आदिवासी समाज उग्र आंदोलन करेगा उसका समस्त जिम्मेदार प्रशासन रहेगा।
वहीं पूर्व सरपंच वालचंद्र मीणा ने बताया की शनिवार को होली डंडा रोपण किया गया था जिसको रेबारी समाज के कुछ असामाजिक तत्वों ने उखाड़ कर फेंक दिया और पास पड़ी झोपडी की लकड़ियों,खाद और चारा जला कर राख कर दिया व खेतों में काम कर रही महिलाओं के साथ भी मारपीट करने की कोशिश की महिलाओं ने खेतों में से भाग कर अपने आप को बचाया।पहले भी थाने में कई मामले दर्ज करवाए है पर प्रशासन अभी तक हाथो पर हाथ रख कर बैठा है।
मौके पर सराडा तहसीलदार,सराडा थानाधिकारी अनिल कुमार विश्नोई मय जाप्ता मौजूद रहे।खबर लिखे जाने तक दोनों पक्षों में कोई समझोता नहीं हुआ।
*कालूलाल मीणा व नितेश पटेल की रिपोर्ट*
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