उदयपुर/जनजाति क्षेत्र में उच्च शिक्षा की अलख जगाता राजकीय महाविद्यालय सराडा जो एक महाविद्यालय कोरोना काल के बाद शिक्षा की गाड़ी ज्यो - ज्यो गति पकड़ती गई।परंतु उच्च शिक्षा केन्द्रों में पढ़ाने वालो के खाली पड़े है पद जहां एक ओर बड़ी समस्या बन गए राज्य सरकार ने ड्रेस कार्यक्रम के तहत दूसरे कॉलेजों से पढ़ाने के लिए कॉलेज शिक्षा की व्यवस्था की यह व्यवस्था मार्च माह में गति पकड़ रही है।उससे पूर्व के माह में सराडा कॉलेज ने एक मिशाल कायम की एक शिक्षक निलंबित,एक शिक्षक कोरोना पॉजिटिव शेष पांच शिक्षकों के पद रिक्त परन्तु अकेले प्राचार्य डॉ. यदू गोपाल शर्मा ने प्रथम,द्वितीय व तृतीय वर्ष की सभी कक्षाओं को स्वयं पढ़ाते हुए सुचारू चलाया साथ ही अपने कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक एवं प्रशासनिक अधिकारी को भी प्रेरित कर सामान्य अंग्रेजी,इतिहास आदि विषयों को पढ़ाने का सहयोग प्राप्त किया।
संवाददाता ने जब महाविद्यालय में जाकर यह व्यवस्था देखी तो देखकर दंग रह गया कि महाविद्यालय में जिस तरह से पूरा केम्पस व कार्यालय सुव्यवस्थित था।पूरे परिवेश में 250 से अधिक पोधे लहर हो रहे थे।कॉलेज के प्रवेश मार्ग में 65 से अधिक ट्री गार्डों में पॊधे, फल फूल खिल रहे थे।चाहे सूचनापट्ट हो,मेडिकल किट की व्यवस्था हो,सम्मान पट्ट हो या ऑफिस की विषभवार बनी हुई 128 फाईले इन कर्म योगी प्राचार्य को प्रणाम करने की इच्छा इनको देखकर होती है।उदयपुर संभाग में इस प्रकार अकेले उच्च शिक्षा की सुव्यवस्थित व्यवस्था का यह कॉलेज अनुपम उदाहरण है।
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