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बाल प्रहरी का वर्चुअल हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन


 स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में बाल प्रहरी पत्रिका अल्मोड़ा उत्तराखंड द्वारा बाल कविता पर आधारित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन 12 अगस्त, गुरुवार को अपराह्न 4 बजे गूगल मीट पर आयोजित हुआ। बाल प्रहरी पत्रिका के संपादक व कवि सम्मेलन संयोजक उदय किरौला ने बताया कि अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि उदयपुर राजस्थान के वरिष्ठ बाल साहित्यकार कवि मंगल कुमार जैन थे।

अध्यक्षता सरोजनी कुकरेती कालाबड़, कोटद्वार, पौड़ी ने की । संचालन अनामिका बिष्ट ,रानीखेत,अल्मोड़ा ने किया।कवि सम्मेलन में देश के आठ राज्यों से आमंत्रित कवि/कवयित्रियों ने देश प्रेम पर आधारित बाल कविताओं का पाठ किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मंगल कुमार जैन ने अपने संबोधन में कहा कि देश भर में बाल साहित्यकार व बाल पत्रिकाएं अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं । हमारी उपेक्षा के चलते बाल पत्रिकाएं बमुश्किल अपना नियमित प्रकाशन कर पा रही है।

वही दूसरी ओर बाल साहित्यकारों को अपनी रचनाओं का संग्रह प्रकाशित कराने के लिए आर्थिक और तकनीकी समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। जैन ने कहा कि बाल कविताओं और बाल साहित्यकारों के विकास के लिए सरकार को सुव्यवस्थित नीति बनाकर पूर्ण संरक्षण देकर आगे बढ़ाना चाहिए क्योंकि देश के भविष्य भावी कर्णधार बालकों का सर्वांगीण विकास करने में बाल कविताओं की अहम भूमिका होती है।

इस अवसर पर कवि सम्मेलन की अध्यक्षा सरोजिनी कुकरेती व आमंत्रित कवियों ने बाल प्रहरी पत्रिका द्वारा बच्चों को कविता क्या होती है? कविता कैसे लिखी जाती है,?, कविता लिखते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?,कविता में गेयता और तुकबंदी बहुत जरूरी होती है आदि बिंदुओं पर समय समय पर ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित कर बच्चों को कविता लिखने, सृजन करने का अवसर देने की गतिविधि को निरंतर जारी रखने की अपील की। कवि सम्मेलन का संचालन अनामिका बिष्ट रानीखेत अल्मोड़ा ने किया। बाल प्रहरी के रीति के अनुसार उदयपुर की बाल कवयित्री कक्षा चार की छात्रा पाखी जैन ने सभी का धन्यवाद किया और अपनी रचना "स्वतंत्रता दिवस है आया खूब सारी खुशियां ये लाया" सुनाकर सभी कि वाह वाही लूटी ।

                    कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवयित्री नीलम शर्मा विकास नगर देहरादून ने "अपना काम निष्ठा से करो", सुषेन पंत गंगोलीहाट, पिथौरागढ़ ने "भारतवासी मस्तक उठा कर जीना है", सरस्वती उनियाल विकास नगर, देहरादून ने "देशभक्ति है सबसे ऊपर",   सुभाष यादव नौएडा गौतमबुद्ध नगर उ.प्र‌. ने "इसका फर्ज निभाएं हम", शशिबाला श्रीवास्त उत्तर प्रदेश ने"  माया पंत पिथौरागढ़, डॉ शालिनी मिश्रा जोधपुर,राजस्थान ने "अमर शहिदों तुम्हें प्रणाम", दीपा पांडे बाराकोट, चंपावत ने खड़ा हिमालय नत मस्तक सा वीरों का स्वर गुंज रहा", मोहिनी बाजपेयी इंडियाना अमेरिका ने "भारत के प्रहरी हम नन्हें बच्चे है", शिवदत्त तैनगुरिया भरतपुर, राज‌‌. ने जय भारत उद्घोष करो", कुसुम अग्रवाल कांकरोली राजस्थान ने "हमें न समझो छोटे बच्चे,कर जाएंगे बड़े काम" वेद मित्र शुक्ल दिल्ली ने "आया है पन्द्रह अगस्त को झण्डा फहराये", हिमाशु पांडे मित्र खैरना नैनीताल ने "नन्हें हाथों में लेकर तिरंगा फहराये हम",आलोक सीतामढ़ी, बिहार ने "देश के खातिर दुनिया में अपना सर्वस्व लुटाऊ", कविता जोशी गंगोलीहाट पिथौरागढ़ ने "नमन करो वीर सपूतों को जो करते देश की रक्षा", शशि ओझा भीलवाड़ा,(राज.) ने" वीर सपूतों जागो रे",  सुनील कुमार जोधपुर, राजस्थान ने " व आलोक कुमार सिंह लखनऊ, उ.प्र. ने अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का सुंदर काव्य पाठ किया।

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